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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 114: धृतराष्ट्रके गान्धारीसे एक सौ पुत्र तथा एक कन्याकी तथा सेवा करनेवाली वैश्यजातीय युवतीसे युयुत्सु नामक एक पुत्रकी उत्पत्ति
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श्लोक 23
श्लोक
1.114.23
शशंस चैव भगवान् कालेनैतावता पुन:।
उद्घाटनीयान्येतानि कुण्डानीति च सौबलीम्॥ २३॥
अनुवाद
तब भगवान व्यास ने गांधारी से कहा - 'इतने दिनों तक अर्थात् दो वर्षों तक प्रतीक्षा करने के बाद इन कुण्डों का ढक्कन खोल देना चाहिए।' 23॥
Then Lord Vyas said to Gandhari - 'After waiting for so many days i.e. for two years, the lid of these ponds should be opened.' 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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