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mahabharat 1.114.22: तत्पश्चात् गांधारी ने उन सभी गर्भों को पूर्वोक्त कुण्डों में रख दिया। वे सभी कुण्ड अत्यंत गुप्त स्थानों में रखे गए थे। उनकी सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था की गई थी॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 1.114: धृतराष्ट्रके गान्धारीसे एक सौ पुत्र तथा एक कन्याकी तथा सेवा करनेवाली वैश्यजातीय युवतीसे युयुत्सु नामक एक पुत्रकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रके गान्धारीसे एक सौ पुत्र तथा एक कन्याकी तथा सेवा करनेवाली वैश्यजातीय युवतीसे युयुत्सु नामक एक पुत्रकी उत्पत्ति  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.114.22 
ततस्तांस्तेषु कुण्डेषु गर्भानवदधे तदा।
स्वनुगुप्तेषु देशेषु रक्षां वै व्यदधात् तत:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् गांधारी ने उन सभी गर्भों को पूर्वोक्त कुण्डों में रख दिया। वे सभी कुण्ड अत्यंत गुप्त स्थानों में रखे गए थे। उनकी सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था की गई थी॥ 22॥
 
Thereafter Gandhari kept all those wombs in the aforementioned kunds. All those kunds were kept in very secret places. Proper arrangements were made for their protection.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)