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mahabharat 1.112.32: पाण्डु से पराजित हुए समस्त राजा उसे इस पृथ्वी पर समस्त मनुष्यों में एकमात्र वीर योद्धा मानने लगे, जैसे देवताओं में इन्द्र ॥32॥   |   mahabharat अध्याय 1.112: माद्रीके साथ पाण्डुका विवाह तथा राजा पाण्डुकी दिग्विजय   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 112: माद्रीके साथ पाण्डुका विवाह तथा राजा पाण्डुकी दिग्विजय  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.112.32 
तेन ते निर्जिता: सर्वे पृथिव्यां सर्वपार्थिवा:।
तमेकं मेनिरे शूरं देवेष्विव पुरंदरम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
पाण्डु से पराजित हुए समस्त राजा उसे इस पृथ्वी पर समस्त मनुष्यों में एकमात्र वीर योद्धा मानने लगे, जैसे देवताओं में इन्द्र ॥32॥
 
All the kings who were defeated by Pandu started considering him to be the only valiant warrior among all the humans on this earth, like Indra among the gods. ॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)