Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.110.9: पुकारते ही उसने देखा कि सम्पूर्ण जगत के रचयिता और पालनकर्ता भगवान भास्कर चले आ रहे हैं। इस महान आश्चर्य को देखकर निर्दोष अंगों वाली कुन्ती चकित हो गई॥9॥ | mahabharat अध्याय 1.110: कुन्तीको दुर्वासासे मन्त्रकी प्राप्ति, सूर्यदेवका आवाहन तथा उनके संयोगसे कर्णका जन्म एवं कर्णके द्वारा इन्द्रको कवच और कुण्डलोंका दान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुकारते ही उसने देखा कि सम्पूर्ण जगत के रचयिता और पालनकर्ता भगवान भास्कर चले आ रहे हैं। इस महान आश्चर्य को देखकर निर्दोष अंगों वाली कुन्ती चकित हो गई॥9॥
As soon as she called out, she saw that Lord Bhaskar, the creator and nurturer of the whole universe, was coming. Seeing this great wonder, Kunti, who had flawless limbs, was astonished.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥