Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.108.d1h-1: वैशम्पायन कहते हैं: जनमेजय! धृतराष्ट्र, पांडु और महान आत्मा विदुर के जन्म से कुरु वंश, कुरु जंगल क्षेत्र और कुरुक्षेत्र में महान समृद्धि आई।॥1॥ | mahabharat अध्याय 1.108: धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन उवाच
(धृतराष्ट्रे च पाण्डौ च विदुरे च महात्मनि।)
तेषु त्रिषु कुमारेषु जातेषु कुरुजाङ्गलम्।
कुरवोऽथ कुरुक्षेत्रं त्रयमेतदवर्धत॥ १॥
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं: जनमेजय! धृतराष्ट्र, पांडु और महान आत्मा विदुर के जन्म से कुरु वंश, कुरु जंगल क्षेत्र और कुरुक्षेत्र में महान समृद्धि आई।॥1॥
Vaishmpayana says: Janamejaya! The births of Dhritarashtra, Pandu and the great soul Vidur brought great prosperity to the Kuru dynasty, the Kuru jungle region and the Kurukshetra.॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥