Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.108.9: सैकड़ों महलों से युक्त वह नगरी देवराज इन्द्र की अमरावती के समान शोभायमान थी। वहाँ के लोग नदियों, वनों, बावड़ियों, छोटे जलाशयों, पर्वत शिखरों और सुन्दर वनों में आनन्दपूर्वक विचरण करते थे॥9॥ | mahabharat अध्याय 1.108: धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सैकड़ों महलों से युक्त वह नगरी देवराज इन्द्र की अमरावती के समान शोभायमान थी। वहाँ के लोग नदियों, वनों, बावड़ियों, छोटे जलाशयों, पर्वत शिखरों और सुन्दर वनों में आनन्दपूर्वक विचरण करते थे॥9॥
That city, with hundreds of palaces, looked as beautiful as the Amaravati of Devraja Indra. The people there used to happily roam around in the rivers, forests, stepwells, small water reservoirs, mountain peaks and beautiful forests.॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥