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mahabharat 1.108.21: पाण्डु उस समय के पुरुषों में सबसे अधिक पराक्रमी धनुर्धर थे। उसी प्रकार राजा धृतराष्ट्र भी शारीरिक बल में अन्यों से कहीं अधिक श्रेष्ठ थे॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 1.108: धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 108: धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.108.21 
पाण्डुर्धनुषि विक्रान्तो नरेष्वभ्यधिकोऽभवत् ।
अन्येभ्यो बलवानासीद् धृतराष्ट्रो महीपति:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
पाण्डु उस समय के पुरुषों में सबसे अधिक पराक्रमी धनुर्धर थे। उसी प्रकार राजा धृतराष्ट्र भी शारीरिक बल में अन्यों से कहीं अधिक श्रेष्ठ थे॥ 21॥
 
Pandu was the most valiant archer among the men of that time. Similarly, King Dhritarashtra was far superior in physical strength to others.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)