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mahabharat 1.108.20: उन्हें इतिहास, पौराणिक कथाएँ और विभिन्न प्रकार के शिष्टाचार भी सिखाए गए थे। वे वेदों और वेदांगों के विशेषज्ञ थे और हर जगह एक निश्चित सिद्धांत में विश्वास करते थे।   |   mahabharat अध्याय 1.108: धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.108.20 
इतिहासपुराणेषु नानाशिक्षासु बोधिता:।
वेदवेदाङ्गतत्त्वज्ञा: सर्वत्र कृतनिश्चया:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उन्हें इतिहास, पौराणिक कथाएँ और विभिन्न प्रकार के शिष्टाचार भी सिखाए गए थे। वे वेदों और वेदांगों के विशेषज्ञ थे और हर जगह एक निश्चित सिद्धांत में विश्वास करते थे।
 
He was also taught history, mythology and various kinds of etiquettes. He was an expert in the Vedas and Vedangas and believed in a definite principle everywhere.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)