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mahabharat 1.108.17: धृतराष्ट्र, पाण्डु और परम बुद्धिमान विदुर - इन तीनों भाइयों का पालन भीष्मजी जन्म से ही पुत्र के समान करते थे ॥17॥   |   mahabharat अध्याय 1.108: धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 108: धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.108.17 
धृतराष्ट्रश्च पाण्डुश्च विदुरश्च महामति:।
जन्मप्रभृति भीष्मेण पुत्रवत् परिपालिता:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र, पाण्डु और परम बुद्धिमान विदुर - इन तीनों भाइयों का पालन भीष्मजी जन्म से ही पुत्र के समान करते थे ॥17॥
 
Dhritarashtra, Pandu and the most intelligent Vidur – these three brothers were followed by Bhishmaji like a son since birth. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)