Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.108.14: वह देश अन्य राष्ट्रों को भी पवित्र करता हुआ निरन्तर उन्नति के पथ पर अग्रसर हो रहा था। भीष्मजी द्वारा प्रवर्तित धर्म का राज्य उस राष्ट्र में सर्वत्र व्याप्त था॥ 14॥ | mahabharat अध्याय 1.108: धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स देश: परराष्ट्राणि विमृज्याभिप्रवर्धित:।
भीष्मेण विहितं राष्ट्रे धर्मचक्रमवर्तत॥ १४॥
अनुवाद
वह देश अन्य राष्ट्रों को भी पवित्र करता हुआ निरन्तर उन्नति के पथ पर अग्रसर हो रहा था। भीष्मजी द्वारा प्रवर्तित धर्म का राज्य उस राष्ट्र में सर्वत्र व्याप्त था॥ 14॥
That country was continuously progressing on the path of progress by purifying other nations as well. The rule of Dharma, started by Bhishmaji, was prevailing everywhere in the nation.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥