Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.107.14: अणिमाण्डव्य ने कहा, 'शास्त्रों के अनुसार, जन्म से लेकर बारह वर्ष की आयु तक बालक जो कुछ भी करेगा, वह पाप नहीं होगा, क्योंकि उस समय तक बालक शास्त्रों के आदेशों को जानने में समर्थ नहीं होगा।' | mahabharat अध्याय 1.107: माण्डव्यका धर्मराजको शाप देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अणीमाण्डव्य उवाच
बालो हि द्वादशाद् वर्षाज्जन्मतो यत् करिष्यति।
न भविष्यत्यधर्मोऽत्र न प्रज्ञास्यन्ति वै दिश:॥ १४॥
अनुवाद
अणिमाण्डव्य ने कहा, 'शास्त्रों के अनुसार, जन्म से लेकर बारह वर्ष की आयु तक बालक जो कुछ भी करेगा, वह पाप नहीं होगा, क्योंकि उस समय तक बालक शास्त्रों के आदेशों को जानने में समर्थ नहीं होगा।'
Animandavya said, 'According to the scriptures, whatever a child does from birth till the age of twelve years will not be sinful because till that time the child will not be able to know the injunctions of the scriptures.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥