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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 107: माण्डव्यका धर्मराजको शाप देना
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श्लोक 13
श्लोक
1.107.13
अणीमाण्डव्य उवाच
कस्मिन् काले मया तत् तु कृतं ब्रूहि यथातथम्।
तेनोक्तो धर्मराजेन बालभावे त्वया कृतम्॥ १३॥
अनुवाद
अणिमाण्डव्य ने पूछा, "अच्छा, तो मुझे ठीक-ठीक बताओ कि मैंने वह पाप किस आयु में किया था?" धर्मराज ने उत्तर दिया, "तुमने यह पाप बचपन में किया था।" ॥13॥
Animāndavya asked, "Ok, then tell me exactly, at what age did I commit that sin?" Dharamraj replied, "You committed this sin in your childhood." ॥13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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