Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.106.5-8: जनमेजय! बहुत से सैनिक उन चोरों का पीछा कर रहे थे। कौरवश्रेष्ठ! उन डाकुओं ने चुराया हुआ माल ऋषि के आश्रम में रख दिया और रक्षक सेना के आने से पहले ही भय के मारे वहाँ छिप गए। उनके छिप जाने पर रक्षक सेना शीघ्रता से वहाँ पहुँच गई। राजन! चोरों का पीछा करने वाले लोगों ने जब तपस्या में लीन ऋषि को देखा, तो पूछा, 'ब्राह्मणश्रेष्ठ! मुझे बताइए, चोर किस मार्ग से भागे हैं? जिससे हम उस मार्ग का अनुसरण करके तीव्र गति से उनका पीछा कर सकें।' ॥5-8॥ | mahabharat अध्याय 1.106: महर्षि माण्डव्यका शूलीपर चढ़ाया जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय! बहुत से सैनिक उन चोरों का पीछा कर रहे थे। कौरवश्रेष्ठ! उन डाकुओं ने चुराया हुआ माल ऋषि के आश्रम में रख दिया और रक्षक सेना के आने से पहले ही भय के मारे वहाँ छिप गए। उनके छिप जाने पर रक्षक सेना शीघ्रता से वहाँ पहुँच गई। राजन! चोरों का पीछा करने वाले लोगों ने जब तपस्या में लीन ऋषि को देखा, तो पूछा, 'ब्राह्मणश्रेष्ठ! मुझे बताइए, चोर किस मार्ग से भागे हैं? जिससे हम उस मार्ग का अनुसरण करके तीव्र गति से उनका पीछा कर सकें।' ॥5-8॥
Janmejaya! Many soldiers were chasing those thieves. Best of the Kurus! Those bandits kept the stolen goods in the hermitage of the sage and out of fear hid themselves there before the arrival of the army of protectors. After they hid, the army of protectors reached there quickly. King! When the people chasing the thieves saw the sage engaged in penance, they asked, 'Best of the Brahmins! Tell me, by which route have the thieves fled? So that we can follow that route and chase them at a fast speed.' ॥ 5-8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥