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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 105: व्यासजीके द्वारा विचित्रवीर्यके क्षेत्रसे धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुरकी उत्पत्ति
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श्लोक 7
श्लोक
1.105.7
ततो निष्क्रान्तमागम्य माता पुत्रमुवाच ह।
अप्यस्या गुणवान् पुत्र राजपुत्रो भविष्यति॥ ७॥
अनुवाद
जब व्यास अपने महल से बाहर आये, तो माता सत्यवती ने आकर उनसे पूछा, 'बेटा! क्या अम्बिका के गर्भ से कोई गुणवान राजकुमार जन्म लेगा?'
When Vyasa came out of her palace, mother Satyavati came and asked him, 'Son! Will a virtuous prince be born from Ambika's womb?'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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