Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.105.24: काशी नरेश की पुत्री अम्बिका ने अपनी एक दासी को, जो अप्सरा के समान सुन्दर थी, तथा अपने आभूषणों से सुसज्जित थी, श्यामवर्ण ऋषि व्यास के पास भेजा।   |   mahabharat अध्याय 1.105: व्यासजीके द्वारा विचित्रवीर्यके क्षेत्रसे धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुरकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 105: व्यासजीके द्वारा विचित्रवीर्यके क्षेत्रसे धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुरकी उत्पत्ति  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.105.24 
तत: स्वैर्भूषणैर्दासीं भूषयित्वाप्सरोपमाम्।
प्रेषयामास कृष्णाय तत: काशिपते: सुता॥ २४॥
 
 
अनुवाद
काशी नरेश की पुत्री अम्बिका ने अपनी एक दासी को, जो अप्सरा के समान सुन्दर थी, तथा अपने आभूषणों से सुसज्जित थी, श्यामवर्ण ऋषि व्यास के पास भेजा।
 
Ambika, the daughter of the King of Kashi, sent one of her maids, as beautiful as an Apsara, adorned her own ornaments with her own jewellery, to the dark-skinned sage Vyasa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)