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mahabharat 1.105.22: यह वही बालक था जिसके पुत्र पाँच महान धनुर्धर पांडव थे। इसके बाद जब रजस्वला हुआ, तो सत्यवती ने अपनी ज्येष्ठ पुत्रवधू अम्बिका को पुनः व्यासजी से मिलने के लिए नियुक्त किया।   |   mahabharat अध्याय 1.105: व्यासजीके द्वारा विचित्रवीर्यके क्षेत्रसे धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुरकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 105: व्यासजीके द्वारा विचित्रवीर्यके क्षेत्रसे धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुरकी उत्पत्ति  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.105.22 
यस्य पुत्रा महेष्वासा जज्ञिरे पञ्च पाण्डवा:।
ऋतुकाले ततो ज्येष्ठां वधूं तस्मै न्ययोजयत्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
यह वही बालक था जिसके पुत्र पाँच महान धनुर्धर पांडव थे। इसके बाद जब रजस्वला हुआ, तो सत्यवती ने अपनी ज्येष्ठ पुत्रवधू अम्बिका को पुनः व्यासजी से मिलने के लिए नियुक्त किया।
 
This was the same boy whose sons were the five great archer Pandavas. After this, when the menstrual period came, Satyavati again appointed her eldest daughter-in-law Ambika to meet Vyasa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)