Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.105.20: उसके बाद सत्यवती ने पुनः उनसे दूसरा पुत्र माँगा। ऋषि ने 'बहुत अच्छा' कहकर माता का अनुरोध स्वीकार कर लिया।   |   mahabharat अध्याय 1.105: व्यासजीके द्वारा विचित्रवीर्यके क्षेत्रसे धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुरकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 105: व्यासजीके द्वारा विचित्रवीर्यके क्षेत्रसे धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुरकी उत्पत्ति  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.105.20 
तं माता पुनरेवान्यमेकं पुत्रमयाचत।
तथेति च महर्षिस्तां मातरं प्रत्यभाषत॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उसके बाद सत्यवती ने पुनः उनसे दूसरा पुत्र माँगा। ऋषि ने 'बहुत अच्छा' कहकर माता का अनुरोध स्वीकार कर लिया।
 
After that Satyavati again requested him for a second son. The sage said 'very good' and accepted the mother's request.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)