Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.104.53-54h: 'सुश्रोणि! इस नष्ट हो चुके भरतवंश की फिर से रक्षा करो। तुम देवराज इन्द्र के समान तेजस्वी पुत्र को जन्म दो। वह हमारे कुल के इस महान राज्य का भार वहन करेगा। 53 1/2॥ | mahabharat अध्याय 1.104: भीष्मकी सम्मतिसे सत्यवतीद्वारा व्यासका आवाहन और व्यासजीका माताकी आज्ञासे कुरुवंशकी वृद्धिके लिये विचित्रवीर्यकी पत्नियोंके गर्भसे संतानोत्पादन करनेकी स्वीकृति देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नष्टं च भारतं वंशं पुनरेव समुद्धर।
पुत्रं जनय सुश्रोणि देवराजसमप्रभम्॥ ५३॥
स हि राज्यधुरं गुर्वीमुद्वक्ष्यति कुलस्य न:।
अनुवाद
'सुश्रोणि! इस नष्ट हो चुके भरतवंश की फिर से रक्षा करो। तुम देवराज इन्द्र के समान तेजस्वी पुत्र को जन्म दो। वह हमारे कुल के इस महान राज्य का भार वहन करेगा। 53 1/2॥
'Sushroni! Save this destroyed Bharatvansh again. You give birth to a son as bright as Devraj Indra. He will bear the burden of this great kingdom of our clan. 53 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥