Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.104.51-52: अब यह स्पष्ट हो गया है कि मेरे भाग्य के नष्ट हो जाने से भरतवंश का नाश होने वाला है। मुझे व्यथित तथा मेरे पिता के कुल को कष्ट में देखकर भीष्म ने मुझे इस कुल की वृद्धि के लिए उपदेश दिया है। पुत्री! उस उपदेश का महत्व तुम पर निर्भर है। भीष्म के कथनानुसार तुम मुझे उस अवस्था तक ले चलो जहाँ मैं अपनी मनोकामना की पूर्ति देख सकूँ। ॥51-52॥ | mahabharat अध्याय 1.104: भीष्मकी सम्मतिसे सत्यवतीद्वारा व्यासका आवाहन और व्यासजीका माताकी आज्ञासे कुरुवंशकी वृद्धिके लिये विचित्रवीर्यकी पत्नियोंके गर्भसे संतानोत्पादन करनेकी स्वीकृति देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतानां समुच्छेदो व्यक्तं मद्भाग्यसंक्षयात्।
व्यथितां मां च सम्प्रेक्ष्य पितृवंशं च पीडितम्॥ ५१॥
भीष्मो बुद्धिमदान्मह्यं कुलस्यास्य विवृद्धये।
सा च बुद्धिस्त्वय्यधीना पुत्रि प्रापय मां तथा॥ ५२॥
अनुवाद
अब यह स्पष्ट हो गया है कि मेरे भाग्य के नष्ट हो जाने से भरतवंश का नाश होने वाला है। मुझे व्यथित तथा मेरे पिता के कुल को कष्ट में देखकर भीष्म ने मुझे इस कुल की वृद्धि के लिए उपदेश दिया है। पुत्री! उस उपदेश का महत्व तुम पर निर्भर है। भीष्म के कथनानुसार तुम मुझे उस अवस्था तक ले चलो जहाँ मैं अपनी मनोकामना की पूर्ति देख सकूँ। ॥51-52॥
‘It is now clear that the Bharat dynasty is about to be destroyed due to the destruction of my fortune. Seeing me distressed and my father's family in pain, Bhishma has given me advice for the growth of this clan. Daughter! The significance of that advice depends on you. As told by Bhishma, you take me to that stage where I can see the fulfillment of my desire. ॥ 51-52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥