Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.104.48-50: वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय ! ऐसा कहकर महामुनि व्यासजी सत्यवती से यह कहकर अन्तर्धान हो गए कि 'ठीक है, कौशल्या (ऋतुस्नान के पश्चात) शुद्ध वस्त्र और श्रृंगार धारण करो और शय्या पर हमारे मिलन की प्रतीक्षा करो।' तत्पश्चात देवी सत्यवती अपनी पुत्रवधू अम्बिका के पास, जो अकेली आई थी, गई और उससे (आपद) धर्म और अर्थ से परिपूर्ण हितकारी वचन कहे - 'कौसल्ये ! मैं जो कुछ धर्म संबंधी बात तुमसे कह रहा हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो ॥48-50॥ | mahabharat अध्याय 1.104: भीष्मकी सम्मतिसे सत्यवतीद्वारा व्यासका आवाहन और व्यासजीका माताकी आज्ञासे कुरुवंशकी वृद्धिके लिये विचित्रवीर्यकी पत्नियोंके गर्भसे संतानोत्पादन करनेकी स्वीकृति देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय ! ऐसा कहकर महामुनि व्यासजी सत्यवती से यह कहकर अन्तर्धान हो गए कि 'ठीक है, कौशल्या (ऋतुस्नान के पश्चात) शुद्ध वस्त्र और श्रृंगार धारण करो और शय्या पर हमारे मिलन की प्रतीक्षा करो।' तत्पश्चात देवी सत्यवती अपनी पुत्रवधू अम्बिका के पास, जो अकेली आई थी, गई और उससे (आपद) धर्म और अर्थ से परिपूर्ण हितकारी वचन कहे - 'कौसल्ये ! मैं जो कुछ धर्म संबंधी बात तुमसे कह रहा हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो ॥48-50॥
Vaishampayanji says – Janamejaya! After saying this, the great sage Vyasji disappeared saying to Satyavati, 'Okay, Kausalya (after the seasonal bath), put on pure clothes and make-up and wait for our meeting on the bed.' Thereafter, Goddess Satyavati went to her daughter-in-law Ambika, who had come alone, and said to her (Apad) beneficial words full of religion and meaning – 'Kausalye! Listen carefully to whatever religious thing I am telling you. 48-50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥