Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.104.44: इस समय उस राज्य में कोई राजा नहीं है। राजा के बिना राज्य की प्रजा अनाथ होकर नष्ट हो जाती है। यहाँ तक कि यज्ञ, दान आदि कर्म भी लुप्त हो जाते हैं। उस राज्य में न तो वर्षा होती है और न ही देवता वहाँ निवास करते हैं ॥ 44॥ | mahabharat अध्याय 1.104: भीष्मकी सम्मतिसे सत्यवतीद्वारा व्यासका आवाहन और व्यासजीका माताकी आज्ञासे कुरुवंशकी वृद्धिके लिये विचित्रवीर्यकी पत्नियोंके गर्भसे संतानोत्पादन करनेकी स्वीकृति देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस समय उस राज्य में कोई राजा नहीं है। राजा के बिना राज्य की प्रजा अनाथ होकर नष्ट हो जाती है। यहाँ तक कि यज्ञ, दान आदि कर्म भी लुप्त हो जाते हैं। उस राज्य में न तो वर्षा होती है और न ही देवता वहाँ निवास करते हैं ॥ 44॥
There is no king in the kingdom at this time. Without a king, the subjects of the kingdom become orphaned and perish. Even the rituals like yajna, daan etc. disappear. Neither does it rain in that kingdom, nor do the gods reside there. ॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥