Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.104.28: हे धर्म के तत्त्व को जानने वाली माता! मैं आपकी इच्छानुसार कार्य करने के लिए यहाँ आया हूँ। कृपया मुझे आज्ञा दीजिए कि मुझे आपकी कौन-सी सेवा करना अच्छा लगता है?॥28॥ | mahabharat अध्याय 1.104: भीष्मकी सम्मतिसे सत्यवतीद्वारा व्यासका आवाहन और व्यासजीका माताकी आज्ञासे कुरुवंशकी वृद्धिके लिये विचित्रवीर्यकी पत्नियोंके गर्भसे संतानोत्पादन करनेकी स्वीकृति देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे धर्म के तत्त्व को जानने वाली माता! मैं आपकी इच्छानुसार कार्य करने के लिए यहाँ आया हूँ। कृपया मुझे आज्ञा दीजिए कि मुझे आपकी कौन-सी सेवा करना अच्छा लगता है?॥28॥
‘Mother, who knows the essence of religion! I have come here to do whatever you desire. Please order me, which service I like to do for you?'॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥