Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.103.d1-21: 'यदि समस्त जगत् नष्ट हो जाए, अथवा मुझे अमरत्व अथवा तीनों लोकों का राज्य प्राप्त हो जाए, तो भी मैं अपनी प्रतिज्ञा नहीं तोड़ सकती।' महातेजस्विनी भीष्म से युक्त अपने पुत्र की यह बात सुनकर माता सत्यवती ने कहा - 'पुत्र! तुम सत्य और वीर पुरुष हो। मैं जानती हूँ कि तुम्हारा सत्य में दृढ़ विश्वास है। यदि तुम चाहो तो अपने तेज से तीनों लोकों की रचना कर सकते हो। तुमने मेरे लिए जो सत्य कहा था, उसे भी मैं भूली नहीं हूँ। फिर भी मेरा आग्रह है कि तुम समय के कर्तव्य का विचार करके अपने पूर्वजों द्वारा दिए गए इस राज्य का भार वहन करो।॥19-21॥ | mahabharat अध्याय 1.103: सत्यवतीका भीष्मसे राज्यग्रहण और संतानोत्पादनके लिये आग्रह तथा भीष्मके द्वारा अपनी प्रतिज्ञा बतलाते हुए उसकी अस्वीकृति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'यदि समस्त जगत् नष्ट हो जाए, अथवा मुझे अमरत्व अथवा तीनों लोकों का राज्य प्राप्त हो जाए, तो भी मैं अपनी प्रतिज्ञा नहीं तोड़ सकती।' महातेजस्विनी भीष्म से युक्त अपने पुत्र की यह बात सुनकर माता सत्यवती ने कहा - 'पुत्र! तुम सत्य और वीर पुरुष हो। मैं जानती हूँ कि तुम्हारा सत्य में दृढ़ विश्वास है। यदि तुम चाहो तो अपने तेज से तीनों लोकों की रचना कर सकते हो। तुमने मेरे लिए जो सत्य कहा था, उसे भी मैं भूली नहीं हूँ। फिर भी मेरा आग्रह है कि तुम समय के कर्तव्य का विचार करके अपने पूर्वजों द्वारा दिए गए इस राज्य का भार वहन करो।॥19-21॥
'Even if the entire world is destroyed, or I get immortality or the kingdom of the three worlds, I cannot break my vow.' On hearing this from her son Bhishma, who was blessed with the wealth of great radiance, mother Satyavati said - 'Son! You are a man of truth and bravery. I know that you have firm faith in truth. If you want, you can create a new three worlds with your own radiance. I have not forgotten even that truth which you had declared for me. Still, I insist that you should consider the duty of the times and bear the burden of this kingdom given to you by your forefathers.॥19-21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥