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mahabharat 1.103.7: अतः हे पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ भीष्म! मैं आप पर अत्यन्त श्रद्धा रखते हुए आपको एक महत्त्वपूर्ण कार्य में लगाना चाहता हूँ। आप पहले उसे सुनें, फिर उसका पालन करें॥ 7॥   |   mahabharat अध्याय 1.103: सत्यवतीका भीष्मसे राज्यग्रहण और संतानोत्पादनके लिये आग्रह तथा भीष्मके द्वारा अपनी प्रतिज्ञा बतलाते हुए उसकी अस्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 103: सत्यवतीका भीष्मसे राज्यग्रहण और संतानोत्पादनके लिये आग्रह तथा भीष्मके द्वारा अपनी प्रतिज्ञा बतलाते हुए उसकी अस्वीकृति  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.103.7 
तस्मात् सुभृशमाश्वस्य त्वयि धर्मभृतां वर।
कार्ये त्वां विनियोक्ष्यामि तच्छ्रुत्वा कर्तुमर्हसि॥ ७॥
 
 
अनुवाद
अतः हे पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ भीष्म! मैं आप पर अत्यन्त श्रद्धा रखते हुए आपको एक महत्त्वपूर्ण कार्य में लगाना चाहता हूँ। आप पहले उसे सुनें, फिर उसका पालन करें॥ 7॥
 
‘Therefore, O Bhishma, the best of the virtuous! Having great faith in you, I want to engage you in an important task. You first listen to it; then try to follow it.॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)