यथा ते कुलतन्तुश्च धर्मश्च न पराभवेत् ।
सुहृदश्च प्रहृष्येरंस्तथा कुरु परंतप॥ २२॥
अनुवाद
‘परंतप! आप वह उपाय करें जिससे आपकी कुल-परंपरा नष्ट न हो, धर्म की अवहेलना न हो और आपके प्रेमी-मित्र भी संतुष्ट हों।’ 22॥
‘Parantap! Do the solution by which the tradition of your lineage is not destroyed, religion is not disregarded and your lovers and friends are also satisfied. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥