Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.103.13-14: 'माता! आपने जो कुछ कहा है, वह धर्मसम्मत है, इसमें संशय नहीं है; परंतु मैं राज्य के लोभ से न तो अभिषेक करवाऊँगा और न ही किसी स्त्री के साथ सहवास करूँगा। संतान न करने और राज्य न लेने की मेरी कठोर प्रतिज्ञा तो आप जानती ही हैं। सत्यवती! आपके लिए शुल्क चुकाने के लिए जो कुछ चर्चा हुई थी, वह सब आप जानती हैं। मैं उन प्रतिज्ञाओं को पुनः सत्य करने का अपना दृढ़ निश्चय आपको बताता हूँ।॥13-14॥ | mahabharat अध्याय 1.103: सत्यवतीका भीष्मसे राज्यग्रहण और संतानोत्पादनके लिये आग्रह तथा भीष्मके द्वारा अपनी प्रतिज्ञा बतलाते हुए उसकी अस्वीकृति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
असंशयं परो धर्मस्त्वया मातरुदाहृत:।
राज्यार्थे नाभिषिञ्चेयं नोपेयां जातु मैथुनम्।
त्वमपत्यं प्रति च मे प्रतिज्ञां वेत्थ वै पराम्॥ १३॥
जानासि च यथावृत्तं शुल्कहेतोस्त्वदन्तरे।
स सत्यवति सत्यं ते प्रतिजानाम्यहं पुन:॥ १४॥
अनुवाद
'माता! आपने जो कुछ कहा है, वह धर्मसम्मत है, इसमें संशय नहीं है; परंतु मैं राज्य के लोभ से न तो अभिषेक करवाऊँगा और न ही किसी स्त्री के साथ सहवास करूँगा। संतान न करने और राज्य न लेने की मेरी कठोर प्रतिज्ञा तो आप जानती ही हैं। सत्यवती! आपके लिए शुल्क चुकाने के लिए जो कुछ चर्चा हुई थी, वह सब आप जानती हैं। मैं उन प्रतिज्ञाओं को पुनः सत्य करने का अपना दृढ़ निश्चय आपको बताता हूँ।॥13-14॥
‘Mother! Whatever you have said is in accordance with Dharma, there is no doubt about it; but I will neither get myself anointed nor have sexual intercourse with a woman out of greed for the kingdom. You already know my strict vow of not having children and not accepting the kingdom. Satyavati! You know everything that was discussed to pay the fee for you. I tell you my firm resolve to make those vows true again.॥ 13-14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥