श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  1.102.71 
सुहृदां यतमानानामाप्तै: सह चिकित्सकै:।
जगामास्तमिवादित्य: कौरव्यो यमसादनम्॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
उनके शुभचिंतक सम्बन्धियों ने सुविख्यात एवं विश्वसनीय चिकित्सकों की सहायता से उनके रोग को ठीक करने का भरसक प्रयत्न किया, किन्तु जैसे सूर्य पश्चिम की ओर चला जाता है, उसी प्रकार कौरवराज यमलोक को चले गये।
 
His well-wishing relatives made every effort to cure his illness with the help of renowned and trustworthy doctors, but just like the sun goes to the west, in the same manner the King of Kauravas went to Yamaloka. 71.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)