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mahabharat 1.102.70: राजा विचित्रवीर्य ने अपनी दोनों पत्नियों के साथ लगातार सात वर्षों तक यौन संबंध बनाए; इस अनुशासनहीनता के परिणामस्वरूप, वे बहुत कम उम्र में ही क्षय रोग के शिकार हो गए।   |   mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  1.102.70 
ताभ्यां सह समा: सप्त विहरन् पृथिवीपति:।
विचित्रवीर्यस्तरुणो यक्ष्मणा समगृह्यत॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
राजा विचित्रवीर्य ने अपनी दोनों पत्नियों के साथ लगातार सात वर्षों तक यौन संबंध बनाए; इस अनुशासनहीनता के परिणामस्वरूप, वे बहुत कम उम्र में ही क्षय रोग के शिकार हो गए।
 
King Vichitravirya had sexual relations with both his wives for seven years in a row; as a result of that indiscipline, he fell victim to tuberculosis at a very young age.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)