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mahabharat 1.102.65: शेष दो कन्याओं के नाम अम्बिका और अम्बालिका थे। भीष्म ने उन्हें विधिपूर्वक अपने छोटे भाई विचित्रवीर्य को पत्नियाँ बना दिया।   |   mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  1.102.65 
अम्बिकाम्बालिके भार्ये प्रादाद् भ्रात्रे यवीयसे।
भीष्मो विचित्रवीर्याय विधिदृष्टेन कर्मणा॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
शेष दो कन्याओं के नाम अम्बिका और अम्बालिका थे। भीष्म ने उन्हें विधिपूर्वक अपने छोटे भाई विचित्रवीर्य को पत्नियाँ बना दिया।
 
The names of the remaining two daughters were Ambika and Ambalika. Bhishma gave them as wives to his younger brother Vichitravirya in accordance with the prescribed method.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)