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mahabharat 1.102.58: भाई भीष्म ने उन सभी गुणवान कन्याओं को, जिन्हें वे पराजित करके वापस लाए थे, अपने छोटे भाई विचित्रवीर्य को सौंप दिया।   |   mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  1.102.58 
ता: सर्वगुणसम्पन्ना भ्राता भ्रात्रे यवीयसे।
भीष्मो विचित्रवीर्याय प्रददौ विक्रमाहृता:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
भाई भीष्म ने उन सभी गुणवान कन्याओं को, जिन्हें वे पराजित करके वापस लाए थे, अपने छोटे भाई विचित्रवीर्य को सौंप दिया।
 
Brother Bhishma handed over all those virtuous girls, whom he had brought back by defeating them, to his younger brother Vichitravirya. 58.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)