Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.102.56-57: पुण्यात्मा गंगानन्दन भीष्म काशीराज की पुत्रियों को अपनी पुत्रवधू, छोटी बहिन और पुत्री के समान अपने पास रखकर कुरुराष्ट्र में ले आये। महाबाहु भीष्म अपने भाई विचित्रवीर्य को प्रसन्न करने की इच्छा से उन सबको ले आये थे। | mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुण्यात्मा गंगानन्दन भीष्म काशीराज की पुत्रियों को अपनी पुत्रवधू, छोटी बहिन और पुत्री के समान अपने पास रखकर कुरुराष्ट्र में ले आये। महाबाहु भीष्म अपने भाई विचित्रवीर्य को प्रसन्न करने की इच्छा से उन सबको ले आये थे।
The virtuous Ganganandan Bhishma brought the daughters of the King of Kashi to Kurudashtra by keeping them with him like his daughters-in-law, younger sister and daughter. The mighty-armed Bhishma had brought them all with the desire to please his brother Vichitravirya. 56-57.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥