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mahabharat 1.102.48: हे श्रेष्ठ! तत्पश्चात् कुरुपुत्र भीष्म ने अपने अस्त्रों का प्रयोग करके राजा शाल्व के अस्त्रों को नष्ट कर दिया और उनके सारथि को भी मार डाला॥48॥   |   mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  1.102.48 
अस्त्रैरस्त्राणि संवार्य शाल्वराजस्य कौरव:।
भीष्मो नृपतिशार्दूल न्यवधीत् तस्य सारथिम्॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ! तत्पश्चात् कुरुपुत्र भीष्म ने अपने अस्त्रों का प्रयोग करके राजा शाल्व के अस्त्रों को नष्ट कर दिया और उनके सारथि को भी मार डाला॥48॥
 
The best! Then, using his weapons, Bhishma, the son of Kuru, destroyed the weapons of King Shalva and killed his charioteer also. 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)