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mahabharat 1.102.43: शाल्व ने पहले ही भीष्म को पीड़ित कर दिया था। यह देखकर सभी राजा आश्चर्यचकित हो गए और 'वाह-वाह' कहने लगे।   |   mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  1.102.43 
पूर्वमभ्यर्दितं दृष्ट्वा भीष्मं शाल्वेन ते नृपा:।
विस्मिता: समपद्यन्त साधु साध्विति चाब्रुवन्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
शाल्व ने पहले ही भीष्म को पीड़ित कर दिया था। यह देखकर सभी राजा आश्चर्यचकित हो गए और 'वाह-वाह' कहने लगे।
 
Shalva had already afflicted Bhishma. Seeing this all the kings were astonished and began to exclaim 'Wah-wah'.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)