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mahabharat 1.102.42: तत्पश्चात् मनुष्यों में श्रेष्ठ शान्तनुनन्दन राजा शाल्व भीष्म पर सैकड़ों-हजारों तीव्र गति वाले बाणों की वर्षा करने लगे॥42॥   |   mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  1.102.42 
ततो भीष्मं शान्तनवं शरै: शतसहस्रश:।
शाल्वराजो नरश्रेष्ठ: समवाकिरदाशुगै:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् मनुष्यों में श्रेष्ठ शान्तनुनन्दन राजा शाल्व भीष्म पर सैकड़ों-हजारों तीव्र गति वाले बाणों की वर्षा करने लगे॥42॥
 
Thereafter, King Shalva Shantanunandan, the best among humans, started showering hundreds and thousands of fast-moving arrows on Bhishma. 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)