Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.102.4: तब माता सत्यवती की अनुमति लेकर रथियों में श्रेष्ठ और शत्रुओं को जीतने वाले भीष्म एकमात्र रथ के साथ वाराणसीपुर चले गए॥4॥   |   mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.102.4 
तत: स रथिनां श्रेष्ठो रथेनैकेन शत्रुजित्।
जगामानुमते मातु: पुरीं वाराणसीं प्रभु:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तब माता सत्यवती की अनुमति लेकर रथियों में श्रेष्ठ और शत्रुओं को जीतने वाले भीष्म एकमात्र रथ के साथ वाराणसीपुर चले गए॥4॥
 
Then taking the permission of Mother Satyavati, Bhishma, the best among the charioteers and conqueror of the enemy, went to Varanasipur with the only chariot. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)