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mahabharat 1.102.2: जब विचित्रवीर्य धीरे-धीरे युवा हो गए, तब बुद्धिमानों में श्रेष्ठ भीष्म ने उनकी वृद्धावस्था देखकर विचित्रवीर्य के विवाह का विचार किया॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.102.2 
सम्प्राप्तयौवनं दृष्ट्वा भ्रातरं धीमतां वर:।
भीष्मो विचित्रवीर्यस्य विवाहायाकरोन्मतिम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
जब विचित्रवीर्य धीरे-धीरे युवा हो गए, तब बुद्धिमानों में श्रेष्ठ भीष्म ने उनकी वृद्धावस्था देखकर विचित्रवीर्य के विवाह का विचार किया॥ 2॥
 
When Vichitravirya gradually reached youth, then Bhishma, the best of the wise, seeing his age, thought of Vichitravirya's marriage.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)