Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.102.16: क्षत्रिय लोग स्वयंवर की प्रशंसा करते हैं और उसमें जाते हैं; परंतु उसमें भी जो कन्या सब राजाओं को हराकर हरण की जाती है, उसे ही धर्मज्ञ विद्वान क्षत्रिय के लिए श्रेष्ठ मानते हैं॥16॥ | mahabharat अध्याय 1.102: भीष्मके द्वारा स्वयंवरसे काशिराजकी कन्याओंका हरण, युद्धमें सब राजाओं तथा शाल्वकी पराजय, अम्बिका और अम्बालिकाके साथ विचित्रवीर्यका विवाह तथा निधन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षत्रिय लोग स्वयंवर की प्रशंसा करते हैं और उसमें जाते हैं; परंतु उसमें भी जो कन्या सब राजाओं को हराकर हरण की जाती है, उसे ही धर्मज्ञ विद्वान क्षत्रिय के लिए श्रेष्ठ मानते हैं॥16॥
‘Kshatriyas praise swayamvara and go to it; but even in that, the girl who is abducted after defeating all the kings is considered the best for a Kshatriya by the religious scholars.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥