Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.101.8-9: तदनन्तर, कुरुक्षेत्र में राजा चित्रांगद के साथ उनका बहुत बड़ा युद्ध हुआ। गंधर्वराज और कुरुराज दोनों ही बड़े बलवान थे। सरस्वती नदी के तट पर तीन वर्षों तक उन दोनों में युद्ध होता रहा। अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा से युक्त उस घोर युद्ध में, माया में भरे हुए गंधर्व ने कौरवों में श्रेष्ठ योद्धा चित्रांगद को मार डाला। 8-9॥ | mahabharat अध्याय 1.101: सत्यवतीके गर्भसे चित्रांगद और विचित्रवीर्यकी उत्पत्ति, शान्तनु और चित्रांगदका निधन तथा विचित्रवीर्यका राज्याभिषेक । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर, कुरुक्षेत्र में राजा चित्रांगद के साथ उनका बहुत बड़ा युद्ध हुआ। गंधर्वराज और कुरुराज दोनों ही बड़े बलवान थे। सरस्वती नदी के तट पर तीन वर्षों तक उन दोनों में युद्ध होता रहा। अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा से युक्त उस घोर युद्ध में, माया में भरे हुए गंधर्व ने कौरवों में श्रेष्ठ योद्धा चित्रांगद को मार डाला। 8-9॥
Subsequently, there was a huge battle with him in Kurukshetra with King Chitrangada. Both Gandharvaraj and Kururaj were very strong. There was a war between them on the banks of river Saraswati for three years. In that fierce battle, filled with rain of weapons, Gandharva, filled with illusion, killed Chitrangada, the best warrior of Kurus. 8-9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥