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mahabharat 1.101.2: कुछ समय के बाद सत्यवती के गर्भ से शान्तुन का बुद्धिमान पुत्र वीर चित्रांगद उत्पन्न हुआ, जो बड़ा वीर और समस्त पुरुषों में श्रेष्ठ था॥2॥   |   mahabharat अध्याय 1.101: सत्यवतीके गर्भसे चित्रांगद और विचित्रवीर्यकी उत्पत्ति, शान्तनु और चित्रांगदका निधन तथा विचित्रवीर्यका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.101.2 
तत: शान्तनवो धीमान् सत्यवत्यामजायत।
वीरश्चित्राङ्गदो नाम वीर्यवान् पुरुषेश्वर:॥ २॥
 
 
अनुवाद
कुछ समय के बाद सत्यवती के गर्भ से शान्तुन का बुद्धिमान पुत्र वीर चित्रांगद उत्पन्न हुआ, जो बड़ा वीर और समस्त पुरुषों में श्रेष्ठ था॥2॥
 
After some time, Shantuna's intelligent son, the brave Chitrangada, was born from Satyavati's womb, who was very brave and the best among all men. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)