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mahabharat 1.101.10: शत्रुओं का दमन करने वाले श्रेष्ठ मानव चित्रांगद को मारकर युद्ध का अंत करके वह गंधर्व स्वर्ग को चला गया ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 1.101: सत्यवतीके गर्भसे चित्रांगद और विचित्रवीर्यकी उत्पत्ति, शान्तनु और चित्रांगदका निधन तथा विचित्रवीर्यका राज्याभिषेक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 101: सत्यवतीके गर्भसे चित्रांगद और विचित्रवीर्यकी उत्पत्ति, शान्तनु और चित्रांगदका निधन तथा विचित्रवीर्यका राज्याभिषेक  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.101.10 
स हत्वा तु नरश्रेष्ठं चित्राङ्गदमरिंदमम्।
अन्ताय कृत्वा गन्धर्वो दिवमाचक्रमे तत:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
शत्रुओं का दमन करने वाले श्रेष्ठ मानव चित्रांगद को मारकर युद्ध का अंत करके वह गंधर्व स्वर्ग को चला गया ॥10॥
 
After ending the war by killing Chitrangada, the best human suppressor of enemies, that Gandharva went to heaven. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)