Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.100.d11-94: भीष्म बोले - हे नरश्रेष्ठ, निषादराज! मेरी बात सुनो। यहाँ उपस्थित सभी ऋषि, देवता और आकाश के प्राणी भी मेरी बात सुनें। मेरे समान वचन देने वाला कोई नहीं है। निषादों, मैं सत्य कह रहा हूँ। मैं अपने पिता के हित के लिए, पृथ्वी के सभी राजाओं के समक्ष जो कुछ कह रहा हूँ, उसे तुम समझ लो। | mahabharat अध्याय 1.100: शान्तनुके रूप, गुण और सदाचारकी प्रशंसा, गंगाजीके द्वारा सुशिक्षित पुत्रकी प्राप्ति तथा देवव्रतकी भीष्म-प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म बोले - हे नरश्रेष्ठ, निषादराज! मेरी बात सुनो। यहाँ उपस्थित सभी ऋषि, देवता और आकाश के प्राणी भी मेरी बात सुनें। मेरे समान वचन देने वाला कोई नहीं है। निषादों, मैं सत्य कह रहा हूँ। मैं अपने पिता के हित के लिए, पृथ्वी के सभी राजाओं के समक्ष जो कुछ कह रहा हूँ, उसे तुम समझ लो।
Bhishma said - O best of men, king of Nishads, listen to me. All the sages, gods and creatures of the sky present here should also listen to me. There is no one who can give words like me. Nishads, I am speaking the truth. Whatever I am saying for the benefit of my father, in front of all the kings of the earth, understand this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥