Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.100.98: उस समय अप्सराएँ, देवता और ऋषिगण आकाश में पुष्पवर्षा करने लगे और कहने लगे - 'ये राजकुमार भीष्म हैं जिन्होंने भयंकर प्रतिज्ञा की है (अर्थात् ये भीष्म नाम से प्रसिद्ध होंगे)'॥98॥ | mahabharat अध्याय 1.100: शान्तनुके रूप, गुण और सदाचारकी प्रशंसा, गंगाजीके द्वारा सुशिक्षित पुत्रकी प्राप्ति तथा देवव्रतकी भीष्म-प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय अप्सराएँ, देवता और ऋषिगण आकाश में पुष्पवर्षा करने लगे और कहने लगे - 'ये राजकुमार भीष्म हैं जिन्होंने भयंकर प्रतिज्ञा की है (अर्थात् ये भीष्म नाम से प्रसिद्ध होंगे)'॥98॥
At that time, the Apsaras, Gods and Rishis began to shower flowers in the sky and said, 'This is Prince Bhishma who has made a terrible vow (i.e. he will be famous by the name of Bhishma)'॥ 98॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥