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mahabharat 1.100.91: हे सत्य और धर्मपरायण राजकुमार! इन राजाओं के बीच में तुमने सत्यवती के कल्याण के लिए जो प्रतिज्ञा की है, वह तुम्हारे योग्य है॥ 91॥   |   mahabharat अध्याय 1.100: शान्तनुके रूप, गुण और सदाचारकी प्रशंसा, गंगाजीके द्वारा सुशिक्षित पुत्रकी प्राप्ति तथा देवव्रतकी भीष्म-प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.100.91 
यत् त्वया सत्यवत्यर्थे सत्यधर्मपरायण।
राजमध्ये प्रतिज्ञातमनुरूपं तवैव तत्॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
हे सत्य और धर्मपरायण राजकुमार! इन राजाओं के बीच में तुमने सत्यवती के कल्याण के लिए जो प्रतिज्ञा की है, वह तुम्हारे योग्य है॥ 91॥
 
'O Prince, who is devoted to truth and righteousness, the promise you have made in the midst of these kings for the welfare of Satyavati is worthy of you.॥ 91॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)