Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.100.12: महाराज शान्तनु कुरुवंश की सुन्दर राजधानी हस्तिनापुर में निवास करते थे और समुद्रपर्यन्त पृथ्वी का शासन और शासन करते थे ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.100: शान्तनुके रूप, गुण और सदाचारकी प्रशंसा, गंगाजीके द्वारा सुशिक्षित पुत्रकी प्राप्ति तथा देवव्रतकी भीष्म-प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 100: शान्तनुके रूप, गुण और सदाचारकी प्रशंसा, गंगाजीके द्वारा सुशिक्षित पुत्रकी प्राप्ति तथा देवव्रतकी भीष्म-प्रतिज्ञा  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.100.12 
स हास्तिनपुरे रम्ये कुरूणां पुटभेदने।
वसन् सागरपर्यन्तामन्वशासद् वसुन्धराम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महाराज शान्तनु कुरुवंश की सुन्दर राजधानी हस्तिनापुर में निवास करते थे और समुद्रपर्यन्त पृथ्वी का शासन और शासन करते थे ॥12॥
 
Maharaja Shantanu resided in Hastinapur, the beautiful capital of the Kuru dynasty, and ruled and governed the earth till the sea. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)