Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.10.3: दुन्दुभ ने कहा - ब्रह्मन् ! वे तो इस संसार में मनुष्यों को डसने वाले अन्य सर्प हैं। तुम्हें केवल उनके आकार के कारण सर्पों को नहीं मारना चाहिए ॥3॥   |   mahabharat अध्याय 1.10: रुरु मुनि और डुण्डुभका संवाद   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 10: रुरु मुनि और डुण्डुभका संवाद  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.10.3 
डुण्डुभ उवाच
अन्ये ते भुजगा ब्रह्मन् ये दशन्तीह मानवान्।
डुण्डुभानहिगन्धेन न त्वं हिंसितुमर्हसि॥ ३॥
 
 
अनुवाद
दुन्दुभ ने कहा - ब्रह्मन् ! वे तो इस संसार में मनुष्यों को डसने वाले अन्य सर्प हैं। तुम्हें केवल उनके आकार के कारण सर्पों को नहीं मारना चाहिए ॥3॥
 
Dundubha said – Brahmin! They are just other snakes that bite humans in this world. You should not kill snakes just because of their shape. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)