यदि योगी पूर्ण है तो वह इस भौतिक संसार को छोड़ने का समय और स्थिति चुन सकता है। लेकिन यदि वह इतना विशेषज्ञ नहीं है तो उसकी सफलता एक निश्चित उपयुक्त समय पर आकस्मिक रूप से गुजरने पर निर्भर करती है। उपयुक्त समय जिस पर कोई व्यक्ति गुजर जाता है और वापस नहीं आता है, भगवान द्वारा अगले श्लोक में समझाया गया है। आचार्य बल्देव विद्याभूषण के अनुसार, यहाँ प्रयुक्त संस्कृत शब्द काल, समय के अध्यक्ष देवता को दर्शाता है।
