vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् भगवद्-गीता
»
अध्याय 1: युद्धस्थल परीक्षण एवं अर्जुन विषाद योग
»
श्लोक 43
श्लोक
1.43
उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन ।
नरके नियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम ॥ ४३ ॥
अनुवाद
हे प्रजापालक कृष्ण! मैंने परम्परा से सुना है कि जिनकी कुल परम्पराएँ नष्ट हो जाती हैं, वे सदैव नरक में निवास करते हैं।
O protector of the people, Krishna! I have heard from the tradition of my Gurus that those who destroy the family religion, live in hell forever.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×