श्रीमद् भगवद्-गीता  »  अध्याय 1: युद्धस्थल परीक्षण एवं अर्जुन विषाद योग  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.2 
सञ्जय उवाच
दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा ।
आचार्यमुपसङ्गम्य राजा वचनमब्रवीत् ॥ २ ॥
 
 
अनुवाद
संजय बोले: हे राजन! पाण्डुपुत्रों द्वारा संगठित सेना को देखकर राजा दुर्योधन अपने गुरु के पास गया और उनसे ये वचन कहे।
 
Sanjaya said: O King! Seeing the battle formation of the army by the sons of Pandu, King Duryodhana went to his teacher and said these words.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas