श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 9: गोपीनाथ पट्टनायक का उद्धार  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  3.9.92 
राजा - कड़ि ना देय, आमारे फुकारे ।
एइ महा - दुःख इहाँ के सहिते पारे? ॥92॥
 
 
अनुवाद
"वह राजा को राजस्व नहीं देता, बल्कि रिहाई के लिए मेरी मदद चाहता है। यह बहुत बड़ा पाप है। मैं इसे यहाँ बर्दाश्त नहीं कर सकता।"
 
He doesn't pay any revenue to the king, but he wants my help to escape. This is a very sinful act. I can't tolerate it here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)