सेइ ‘शुद्ध - भक्त’, ये तोमा भजे तोमा ला गि’ ।
आपनार सुख - दुःखे हय भोग - भोगी’ ॥75॥
अनुवाद
"गोपीनाथ पटनायक एक शुद्ध भक्त हैं जो केवल आपकी संतुष्टि के लिए आपकी पूजा करते हैं। उन्हें अपने व्यक्तिगत सुख-दुःख की परवाह नहीं होती, क्योंकि यह तो भौतिकवादी का काम है।"
"Gopinath Patnaik is a pure devotee and worships You solely for Your satisfaction. He cares not the least for his own happiness or sorrow, for this is the work of a materialist.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥